पासबुक में लाखों की एंट्री, खातों में रकम गायब; अब तक 46 लाख की कथित गड़बड़ी का दावा
अशोक कुमार तिवारी
बानो। सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड अंतर्गत गेनमेर पंचायत के गेरदा पोस्ट ऑफिस में खाताधारकों की जमा राशि में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि तत्कालीन पोस्ट मास्टर आबिद मियां के कार्यकाल में कई खाताधारकों की जमा रकम पासबुक में दर्ज है, लेकिन विभागीय रिकॉर्ड में उतनी राशि नहीं मिल रही है। अब तक करीब 46 लाख रुपये की कथित गड़बड़ी सामने आने की बात कही जा रही है। कई अन्य खातों की जांच अभी बाकी है।
मामला तत्कालीन पोस्ट मास्टर आबिद मियां की मौत के बाद सामने आया। खाताधारक जब अपनी जमा राशि निकालने पोस्ट ऑफिस पहुंचे तो पासबुक में दर्ज रकम और खाते में उपलब्ध राशि में अंतर की जानकारी मिली। इसके बाद एक-एक कर अन्य लोग भी अपनी पासबुक लेकर जांच कराने पहुंचने लगे।
पासबुक में लाखों की एंट्री, खाते में महज कुछ रुपये
ग्रामीणों का आरोप है कि कई खाताधारकों की पुरानी पासबुक के पन्ने समाप्त होने के बाद नए पासबुक जारी करने के बजाय अतिरिक्त पेज जोड़कर उनमें जमा राशि की एंट्री और मुहर लगाई जाती थी। उस समय लोगों को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ, लेकिन अब खाते की जांच में पासबुक और विभागीय रिकॉर्ड में अंतर सामने आने का दावा किया जा रहा है।
गेरदा निवासी मोहम्मद दुरुल हसन ने बताया कि उन्होंने पोस्ट ऑफिस में करीब 93 हजार रुपये जमा किए थे। खाते की जानकारी लेने पर उन्हें महज 3 रुपये शेष होने की बात बताई गई। उनका कहना है कि पत्नी के इलाज के लिए उन्हें वेल्लोर जाना है और ऐसे समय में जमा रकम नहीं मिलना उनके लिए बड़ी परेशानी बन गया है। उन्होंने मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और अपनी जमा राशि वापस दिलाने की मांग की है।
अन्य खाताधारकों में भी बढ़ी चिंता
मामला सामने आने के बाद इलाके के कई अन्य खाताधारक भी अपनी पासबुक लेकर पोस्ट ऑफिस पहुंच रहे हैं। अब तक करीब 46 लाख रुपये की कथित गड़बड़ी सामने आने की बात कही जा रही है, हालांकि वास्तविक राशि कितनी है, यह सभी खातों की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
ऑडिट और निगरानी पर भी उठे सवाल
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि यदि खातों में लंबे समय से इस तरह की गड़बड़ी हो रही थी तो विभागीय जांच या ऑडिट के दौरान इसका पता क्यों नहीं चला। लोगों की मांग है कि सभी संबंधित खातों की जांच कर पासबुक में दर्ज राशि और विभागीय रिकॉर्ड का मिलान कराया जाए।
स्थानीय लोगों ने तत्कालीन पोस्ट मास्टर की कथित संपत्तियों की भी जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का दावा है कि ओडिशा के बिसरा क्षेत्र में उनके परिवार की कई संपत्तियां हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी वास्तविक तस्वीर
खाताधारकों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिन खातों में राशि का अंतर पाया जाता है, उनकी जमा पूंजी वापस दिलाने की कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि कथित गड़बड़ी के लिए कौन जिम्मेदार है और विभागीय स्तर पर इसकी निगरानी क्यों नहीं हो सकी।
फिलहाल गेरदा के खाताधारकों को अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने का इंतजार है। जांच पूरी होने के बाद ही कथित गबन की वास्तविक राशि और जिम्मेदार लोगों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


















