हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को, तीज व्रत के साथ होगी गणपति की स्थापना

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रांची : राजधानी रांची सहित पूरे झारखंड में हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया और चतुर्थी तिथि एक ही दिन पड़ रही है। उदयातिथि के मान से सुहागिन महिलाएं 14 सितंबर को हरतालिका तीज का व्रत रखेंगी। वहीं, इसी दिन चतुर्थी तिथि लगने के साथ भगवान गणेश की स्थापना और पूजा-अर्चना भी होगी। आचार्य मनोज पांडे ने शनिवार को बताया कि तृतीया तिथि 13 सितंबर को सुबह 7:14 बजे शुरू होकर 14 सितंबर को सुबह 7:17 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार 14 सितंबर को हरतालिका तीज का व्रत रखा जाएगा। तृतीया के बाद सुबह 7:18 बजे चतुर्थी तिथि शुरू होगी। चतुर्थी तिथि से युक्त होने के कारण महिलाएं पूरे दिन निर्जला उपवास कर तीज का व्रत रखेंगी और 15 सितंबर को पारण करेंगी। हरतालिका तीज सुहागिन महिलाओं के प्रमुख व्रतों में माना जाता है। महिलाएं अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु और सुखी दांपत्य जीवन की कामना से यह व्रत करती हैं। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए अन्न-जल त्यागकर कठोर तपस्या की थी। उन्होंने बालू से शिवलिंग बनाकर भगवान शिव की आराधना की थी। इसी मान्यता के आधार पर महिलाएं हरतालिका तीज का व्रत श्रद्धा और निष्ठा के साथ करती हैं।

सुबह 11:03 से दोपहर 1:30 बजे तक गणेश पूजा का मुहूर्त

14 सितंबर को सुबह 7:18 बजे चतुर्थी तिथि लगते ही गणेश जन्मोत्सव का शुभारंभ होगा। गणपति की स्थापना और पूजा के लिए सुबह 11:03 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक का समय शुभ बताया गया है। पंचांग के अनुसार इस बार गणेश चतुर्थी पर चित्रा नक्षत्र के साथ ब्रह्म और रवि योग का भी संयोग बन रहा है।
आचार्य मनोज पांडे के अनुसार हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का व्रत एवं पर्व एक ही दिन पड़ना विशेष संयोग है। उदयकालीन तिथि में हरतालिका तीज का व्रत करना शुभ माना जाता है, जबकि मध्याह्न बेला में चतुर्थी तिथि होने के कारण भगवान गणेश की स्थापना के लिए भी इसी दिन शुभ मुहूर्त बन रहा है।
उन्होंने कहा कि हरतालिका तीज पर भगवान शिव-पार्वती और गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा एक ही दिन होने से धार्मिक दृष्टि से यह दिन विशेष महत्व रखता है। श्रद्धालु विधि-विधान से भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की आराधना कर सकते हैं।

25 सितंबर को होगा गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन
गणेश चतुर्थी के साथ 10 दिवसीय गणेशोत्सव शुरू होगा। भगवान गणेश की स्थापना 14 सितंबर को की जाएगी और उत्सव का समापन 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन होगा। इस दौरान रांची सहित पूरे झारखंड में विभिन्न स्थानों पर गणपति की पूजा, आरती और धार्मिक आयोजन होंगे।
आचार्य के अनुसार, हरतालिका तीज का व्रत पूरी श्रद्धा और निष्ठा से करने वाली महिलाओं के लिए यह पर्व विशेष फलदायी माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे अखंड सौभाग्य, सुखी दांपत्य जीवन और मनोवांछित जीवनसाथी की प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है।———-

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