1839.14 एकड़ जमीन अधिग्रहण की अधिसूचना निरस्त कराने को लेकर किसानों ने सौंपा आवेदन, कहा—“जमीन गई तो हजारों परिवारों की रोजी-रोटी छिन जाएगी”
अशोक बंटी राज
केरेडारी : चट्टीबारियातु कोल ब्लॉक दक्षिणी क्षेत्र (सीबी साउथ) के विस्तारीकरण को लेकर किसानों का विरोध तेज होता जा रहा है। किसानों ने 15 सितंबर 2026 को झारखंड के मुख्यमंत्री के नाम आवेदन सौंपकर कोयला मंत्रालय, भारत सरकार के गजट राजपत्र संख्या-3956, दिनांक 27 जुलाई 2026 को निरस्त करने की मांग की है। आवेदन में किसानों ने कहा है कि गजट अधिसूचना के तहत केरेडारी प्रखंड के केरेडारी, ओमें, खपिया, अपिया, लयसुकवार, पेटो, कराली, पगार, जोरदाग, भदईखाप एवं बुकरू सहित कुल 11 गांवों की लगभग 1839.14 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की अधिसूचना जारी की गई है। किसानों का दावा है कि उक्त भूमि कृषि एवं बहुफसलीय है, जहां वर्ष में तीन फसल तक उत्पादन होता है। साथ ही अधिकांश भूमि रैयती एवं पुश्तैनी होने की बात कही गई है। किसानों ने आवेदन में आशंका जताई है कि जमीन अधिग्रहण होने से हजारों किसान परिवारों की रोजी-रोटी और आजीविका प्रभावित होगी तथा बेरोजगारी और आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। किसानों के अनुसार कृषि भूमि ही उनके परिवारों की जीविका का प्रमुख साधन है।
“किसानों की मांग पर उचित कार्रवाई करें सरकार” किसानों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि उनकी मांग को उचित माध्यम से केंद्र सरकार तक पहुंचाते हुए जारी अधिसूचना को निरस्त कराने की दिशा में पहल की जाए। आवेदन के साथ कोयला मंत्रालय के गजट राजपत्र की छायाप्रति, संबंधित गांवों की ग्रामसभा पंजी की प्रतियां तथा भू-रैयतों के हस्ताक्षर की प्रतियां संलग्न किए जाने की बात कही गई है। आवेदन की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री कार्यालय, कोयला मंत्रालय, झारखंड सरकार के मुख्य सचिव एवं संबंधित विभाग, एनटीपीसी के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, हजारीबाग सांसद, बड़कागांव विधायक, एनटीपीसी के केरेडारी एवं चट्टीबारियातु कार्यालय, अनुमंडल पदाधिकारी, हजारीबाग, अपर समाहर्ता, भूमि सुधार विभाग तथा अंचल अधिकारी केरेडारी समेत संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है।
किसानों का कहना है कि उनकी कृषि और पुश्तैनी जमीन उनके लिए सिर्फ जमीन नहीं, बल्कि परिवारों की आजीविका का आधार है। इसलिए सीबी साउथ विस्तार के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर सरकार किसानों की मांग पर गंभीरता से विचार करे।


















