काठमांडू। नेपाल के भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई बाढ़ में 724 लोगों के शव बरामद किए गए हैं। इनमें से केवल 22 की पहचान हो सकी है। नेपाल पुलिस के अनुसार, शवों की पहचान में आ रही मुश्किलों के कारण शवों के प्रबंधन की स्थिति जटिल हो गई है। अस्पतालों में शव रखने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण सरकार ने उन्हें ‘एयरटाइट बैग’ में रखकर जमीन के नीचे दफनाना शुरू कर दिया है। देवघाट के पास जंगल क्षेत्र में जगह की व्यवस्था कर यह प्रक्रिया शुरू की गई है।
शवों की पहचान के लिए पुलिस ने एक पोर्टल तैयार किया है। इसमें शवों की तस्वीरें सार्वजनिक की हैं। शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हैं। पुलिस प्रवक्ता अविनारायण काफ्ले ने बताया कि पहचान किए गए 22 शव उनके परिजनों को सौंपे जा चुके हैं। प्रवक्ता काफ्ले के अनुसार, बहुत कम शवों की पहचान हो पाने के कारण अब डीएनए परीक्षण के जरिए पहचान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए सभी शवों के डीएनए नमूने लेकर उन्हें दफनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ‘पहचान न हो सके और लावारिस शव प्रबंधन के प्रावधानों के अनुसार जिला सुरक्षा समिति के निर्णय के आधार पर शवों को एयरटाइट बैग में रखकर जमीन के नीचे दफनाया जा रहा है।
प्रवक्ता काफ्ले ने कहा कि इस तरह दफनाने से शव सुरक्षित रहेंगे और भविष्य में पहचान होने पर उन्हें निकालकर परिजनों को सौंपा जा सकेगा।उन्होंने कहा, “अगर फोटो या अन्य माध्यम से शव की पहचान होने की जानकारी मिलती है और नागरिक हेल्प डेस्क से संपर्क करते हैं। उन्होंने बताया कि जिन शवों की पहचान नहीं हो सकी है, उनमें से प्रत्येक को अलग-अलग संकेत या कोड नंबर दिया गया है।


















